पप्पू को चार वर्षीय कार्यकाल में जमुई का चार बार नाम लेना भारी पड़ रहा था:-सुमित
जदयू नेता सह पूर्व विधायक सुमित_कुमार_सिंह जी ने प्रेस विज्ञप्ति
जारी कर कहा है कि झाझा में रेल मंत्रालय ने आठ एकड़ भूमि हस्तातंरण करवाकर एक केंद्रीय विद्यालय की सुचारू रूप से स्थापना का सार्थक प्रयास किया। केंद्रीय सर्वजनिक क्षेत्र के संगठन अपने कर्मियों के हित एवं अन्य दायित्व के तहत केंद्रीय विद्यालय की स्थापना को प्रायोजित करते हैं। लेकिन रेलवे द्वारा यथोचित भूमि के हस्तांतरण के बावजूद केंद्रीय विद्यालय संगठन की ओर से कोई निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ। इस संबंध में देश की राजधानी दिल्ली में जो जिला का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं ऐसे जनप्रतिनिधि को सार्थक रचनात्मक प्रयत्न करना चाहिए था। लेकिन उन्हें तो जब अपने चार वर्षीय कार्यकाल में जमुई का चार बार नाम लेना भारी पड़ रहा था तो वह क्या ख़ाक प्रयास करते!लेकिन मैं झाझा के पूर्ववर्ती विधायक सह माननीय पूर्व मंत्री जदयू के प्रदेश उपाध्यक्ष दामोदर रावत जी को धन्यवाद दूंगा कि उन्होंने केंद्रीय विद्यालय संगठन से न सिर्फ केंद्रीय विद्यालय भवन निर्माण में विलंब के बारे में पत्राचार किया, बल्कि, इस बारे संबंधित प्राधिकार से संवाद स्थापित किया। केंद्रीय विद्यालय संगठन के आयुक्त संतोष कुमार मल्ल जी ने सूचित किया है कि अभी केंद्रीय विद्यालय भवन निर्माण का प्रारंभिक प्राक्कलन नहीं हुआ है, न ही केंद्रीय विद्यालय संगठन को केंद्र सरकार से यथोचित धनराशि प्राप्त हुई है। जैसे ही यह उपलब्ध करवाया जाएगा, वैसे ही निर्माण कार्य आरंभ होने के बारे में सूचित कराया जाएगा। अब अगर जागरूक जनप्रतिनिधि दिल्ली में होते तो इससे जुड़ी हुई प्रशासनिक बाधाओं को दूर करवाने में जुट जाते। चार साल में कुछ कर नहीं सके, इसी से अपनी विफलताओं का पाप धो लेते! लेकिन इनसे अपेक्षा बेमानी है।
-अभिषेक कुमार सिंह, जमुई।
जारी कर कहा है कि झाझा में रेल मंत्रालय ने आठ एकड़ भूमि हस्तातंरण करवाकर एक केंद्रीय विद्यालय की सुचारू रूप से स्थापना का सार्थक प्रयास किया। केंद्रीय सर्वजनिक क्षेत्र के संगठन अपने कर्मियों के हित एवं अन्य दायित्व के तहत केंद्रीय विद्यालय की स्थापना को प्रायोजित करते हैं। लेकिन रेलवे द्वारा यथोचित भूमि के हस्तांतरण के बावजूद केंद्रीय विद्यालय संगठन की ओर से कोई निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ। इस संबंध में देश की राजधानी दिल्ली में जो जिला का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं ऐसे जनप्रतिनिधि को सार्थक रचनात्मक प्रयत्न करना चाहिए था। लेकिन उन्हें तो जब अपने चार वर्षीय कार्यकाल में जमुई का चार बार नाम लेना भारी पड़ रहा था तो वह क्या ख़ाक प्रयास करते!लेकिन मैं झाझा के पूर्ववर्ती विधायक सह माननीय पूर्व मंत्री जदयू के प्रदेश उपाध्यक्ष दामोदर रावत जी को धन्यवाद दूंगा कि उन्होंने केंद्रीय विद्यालय संगठन से न सिर्फ केंद्रीय विद्यालय भवन निर्माण में विलंब के बारे में पत्राचार किया, बल्कि, इस बारे संबंधित प्राधिकार से संवाद स्थापित किया। केंद्रीय विद्यालय संगठन के आयुक्त संतोष कुमार मल्ल जी ने सूचित किया है कि अभी केंद्रीय विद्यालय भवन निर्माण का प्रारंभिक प्राक्कलन नहीं हुआ है, न ही केंद्रीय विद्यालय संगठन को केंद्र सरकार से यथोचित धनराशि प्राप्त हुई है। जैसे ही यह उपलब्ध करवाया जाएगा, वैसे ही निर्माण कार्य आरंभ होने के बारे में सूचित कराया जाएगा। अब अगर जागरूक जनप्रतिनिधि दिल्ली में होते तो इससे जुड़ी हुई प्रशासनिक बाधाओं को दूर करवाने में जुट जाते। चार साल में कुछ कर नहीं सके, इसी से अपनी विफलताओं का पाप धो लेते! लेकिन इनसे अपेक्षा बेमानी है।
-अभिषेक कुमार सिंह, जमुई।
Congratulations bhaiya jee
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